इंदौर। आईपीएल में अपनी दमदार बल्लेबाजी से सुर्खियों में आए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी अब केवल खेल जगत ही नहीं, बल्कि अकादमिक शोध का भी विषय बनने जा रहे हैं। प्रतिष्ठित आईआईएम इंदौर उनके मानसिक दृष्टिकोण, लीडरशिप, मेंटरशिप और कम उम्र में मिली बड़ी सफलता के अनुभवों पर विस्तार से रिसर्च करेगा।
आईआईएम इंदौर की इस मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च टीम में खेल, मनोविज्ञान और नेतृत्व विकास के विशेषज्ञ शामिल होंगे। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि असाधारण प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और अनुकूल माहौल मिलने पर वह कैसे नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।
आईआईएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने बताया कि इस रिसर्च में न केवल क्रिकेटर के खेल प्रदर्शन, बल्कि सोशल मीडिया के दबाव, बढ़ती लोकप्रियता, लोगों की अपेक्षाओं और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण किया जाएगा। उनका कहना है कि शुरुआती सफलता के बाद मानसिक दबाव और बर्नआउट से बचाव के उपाय समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संस्थान का मानना है कि यह अध्ययन केवल खेल जगत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए भी उपयोगी होगा। इससे प्रतिभा प्रबंधन, नेतृत्व विकास और उच्च प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए बेहतर मॉडल तैयार करने में मदद मिलेगी।
आईआईएम इंदौर की यह पहल यह दर्शाती है कि कैसे खेल और अकादमिक क्षेत्र आपस में जुड़कर मानव क्षमता और मानसिक दृढ़ता को समझने में योगदान कर सकते हैं।