नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डस्ट पोर्टल 2.0 और मोबाइल एप लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में इस अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा विकसित यह पोर्टल निर्माण और ध्वस्तीकरण (Construction & Demolition) स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की रियल-टाइम निगरानी करेगा।
इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पोर्टल का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
AI करेगा निर्माण स्थलों की निगरानी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डस्ट पोर्टल 2.0 AI और डिजिटल तकनीक से लैस है, जिससे निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण नियमों के पालन की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। पोर्टल के माध्यम से परियोजना संचालक अपने निर्माण स्थलों का सेल्फ-असेसमेंट भी कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भविष्य में नोटिस और चालान जारी करने की पूरी प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाया जाएगा, जिससे कार्रवाई तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
रियल-टाइम अलर्ट और डिजिटल प्रवर्तन
डस्ट पोर्टल 2.0 में GIS मैपिंग, 360 डिग्री PTZ कैमरे, PM-10 और PM-2.5 सेंसर, रियल-टाइम एनालिटिक्स और AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
सिस्टम निर्माण स्थलों की निगरानी करते हुए वायु गुणवत्ता का विश्लेषण करेगा और प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर स्वतः येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करेगा। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर डिजिटल नोटिस और प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।
500 वर्ग गज से बड़े सभी निर्माण स्थलों पर नजर
पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पहली बार 500 वर्ग गज या उससे बड़े सभी निर्माण स्थलों की AI आधारित निगरानी की जाएगी। यदि कोई परियोजना बार-बार धूल नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल एप से कहीं भी होगी मॉनिटरिंग
डस्ट पोर्टल 2.0 का एंड्रॉयड और iOS आधारित मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इसके जरिए DPCC अधिकारी, स्थानीय निकाय और परियोजना संचालक कहीं से भी निर्माण स्थलों की निगरानी कर सकेंगे। लाइव कैमरा फीड, सेंसर डेटा और AI विश्लेषण के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
धूल प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी में सड़क, मिट्टी और निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत है। गर्मियों में कुल वायु प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी लगभग 27 प्रतिशत और सर्दियों में करीब 15 प्रतिशत रहती है। वहीं, PM-10 उत्सर्जन का 66 प्रतिशत और PM-2.5 का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा धूल से आता है।
सरकार का कहना है कि डस्ट पोर्टल 2.0 तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी प्रवर्तन और जवाबदेही को मजबूत करते हुए दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।