कुनकुरी | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने कुनकुरी क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर, विसर्जन तालाब और ईब नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं, श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
सलियाटोली ग्राम में लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की 50 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह, ऑक्सी रीडिंग ज़ोन, इंडोर-आउटडोर स्टडी स्पेस, आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली और बायोमेट्रिक पुस्तक प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाएगा तथा यूथ टॉवर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ ज़ोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
कलेक्टर ने कुनकुरी स्थित विसर्जन तालाब के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छठ घाट, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर ईब नदी में लगभग 4 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 120 मीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल का भी निरीक्षण किया गया। पांच स्पान में बन रहे इस पुल से बरसात के दौरान आवागमन की समस्या दूर होगी और आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित यातायात सुविधा मिल सकेगी। कलेक्टर ने दिसंबर 2026 तक पुल निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का कहना है कि शिक्षा, पर्यटन और सड़क अधोसंरचना से जुड़ी ये परियोजनाएं जशपुर जिले के विकास को नई दिशा देंगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।