वॉशिंगटन/तेहरान । ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि युद्धविराम वार्ता के दौरान इजरायल कथित तौर पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष **मोहम्मद बाघेर गालिबाफ> को निशाना बनाने की योजना बना सकता था। इसी आशंका के चलते अमेरिका ने खाड़ी के कुछ देशों के माध्यम से तेहरान को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को चिंता थी कि यदि वार्ता के दौरान ईरानी नेताओं पर हमला होता है तो शांति प्रक्रिया बाधित हो सकती है और क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ सकता है। बताया गया कि अमेरिका वार्ता को जारी रखना चाहता था, जबकि इजरायल की प्राथमिकता ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाना थी।
एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब्बास अराघची और मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कथित रूप से इजरायल की संभावित टारगेट सूची में शामिल थे, हालांकि अमेरिकी दबाव के बाद उनके नाम हटा दिए गए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गालिबाफ दो बार संभावित हमलों से बाल-बाल बचे। एक अवसर पर सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी के बाद उनका विमान निर्धारित गंतव्य के बजाय मशहद में उतारा गया और वहां से वे सड़क मार्ग से तेहरान पहुंचे।
हालांकि, इन दावों की न तो अमेरिका और न ही इजरायल की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है। रिपोर्टों के बावजूद दोनों ईरानी नेताओं ने बाद में कतर और स्विट्जरलैंड में आयोजित कूटनीतिक वार्ताओं में हिस्सा लिया।