किरंदुल। लौहनगरी किरंदुल स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक स्नान उत्सव विधि-विधान से संपन्न हुआ।
मंदिर प्रांगण में सुबह 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ का 108 पवित्र कलशों के जल से अभिषेक किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष आर. सी. नाहक ने बताया कि देव स्नान पूर्णिमा रथ यात्रा की तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
पूजन के दौरान भगवान को पंचामृत स्नान कराया गया और इसके बाद शीतल वस्त्र धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, सामूहिक पूजा और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में नगरवासी और श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।
मंदिर समिति के अनुसार, देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान अनवस्था काल में विश्राम के लिए चले जाते हैं। इसके बाद आगामी 16 जुलाई को भगवान स्वस्थ होकर नवविग्रह स्वरूप में रथ यात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण करेंगे। यह आयोजन भक्तों के लिए आस्था और परंपरा का विशेष महत्व रखता है।