रायपुर । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के उन पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने का अनुरोध किया है, जो आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान तकनीकी या व्यावहारिक कारणों से पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सके।
अपने पत्र में विजय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व की सराहना की।
उपमुख्यमंत्री ने पत्र में सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए उस आश्वासन का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आई चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
विजय शर्मा ने बताया कि 24 जून को प्रदेश की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी। इस दौरान कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के समय कई पात्र परिवार पलायन या अन्य कारणों से गांव में मौजूद नहीं थे, जिससे उनका सर्वे नहीं हो सका और उनका नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया।
इसके अलावा कुछ ऐसे परिवार भी रहे, जिनका सर्वेक्षण तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा पोर्टल संबंधी समस्याओं के कारण उनकी जानकारी अपडेट नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप वे ग्राम सभा की पात्रता सूची में दर्ज नहीं हो पाए, जबकि वे योजना के लाभ के पात्र हैं।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ऐसे सभी छूटे हुए पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
पत्र के अंत में विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हर पात्र परिवार को आवास” के संकल्प को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई और छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।