नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक और प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार के स्तर पर सदर बाजार को शिफ्ट करने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही ऐसी कोई योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री के इस बयान से सदर बाजार के हजारों व्यापारियों को राहत मिली है। पिछले कुछ समय से बाजार को स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के कारण व्यापारियों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सदर बाजार को हटाना नहीं, बल्कि इसकी ऐतिहासिक पहचान और व्यापारिक महत्व को बनाए रखते हुए सुविधाओं का विस्तार करना है।
व्यापारियों ने रखीं बाजार की समस्याएं
सदर बाजार के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर बाजार से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। व्यापारियों ने शिफ्टिंग की अफवाहों से पैदा हुई चिंता के अलावा जलभराव, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, बिजली व्यवस्था और पुराने बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाजार में फैले बिजली के तारों के कारण कई बार आग जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस पर मुख्यमंत्री ने बिजली तारों को भूमिगत करने की दिशा में कार्य शुरू करने के संकेत दिए।
ड्रेनेज सिस्टम और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बैठक में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बाड़ा हिंदूराव से तेलीवाड़ा तक ड्रेनेज सिस्टम का तकनीकी आकलन कराने की बात कही, ताकि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
इसके अलावा बाजार में साफ-सफाई, महिलाओं के लिए शौचालय सुविधा, ट्रैफिक व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और पुराने ढांचे के आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
व्यापारियों से मांगा विकास का ब्लूप्रिंट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यापारिक संगठनों से सदर बाजार के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि बाजार की वास्तविक जरूरतों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के प्रमुख बाजारों को सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सदर बाजार की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए यहां बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।