रायपुर |छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई का जायजा लिया और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
डेटा आधारित निगरानी और सुशासन
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई।
शिक्षा और आंगनबाड़ी बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी भवनों और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे में सुधार के निर्देश दिए।
जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश।
जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के आदेश।
विभागीय प्रगति की समीक्षा
बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित अन्य विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सक्रिय समन्वय और पारदर्शी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचे |