नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर देशभर में छात्रों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि इस डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के कारण उनके अंकों में गड़बड़ी हुई है और अपेक्षा से कम नंबर मिले हैं।
OSM एक डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है। हालांकि छात्रों और कुछ शिक्षकों का कहना है कि स्कैन की गई कॉपियां ब्लर होने, तकनीकी खराबियों और मार्किंग में असमानता जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के चलते छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं और लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
छात्रों की शिकायतों में यह भी शामिल है कि री-इवैल्यूएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कई छात्रों ने पोर्टल पर लॉग-इन समस्या, सर्वर डाउन और पेमेंट फेल होने जैसी दिक्कतों की शिकायत की है।
CBSE की ओर से कहा गया है कि OSM प्रणाली पारदर्शिता और मूल्यांकन की सटीकता बढ़ाने के लिए लागू की गई है, लेकिन बढ़ती शिकायतों ने इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच छात्र संगठनों ने मांग की है कि उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो और छात्रों को समय पर न्याय मिल सके।