दिल्ली के 156 टोल नाकों पर लागू होगी बैरियर-रहित MLFFS प्रणाली, ट्रैफिक होगा सुगम

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में टोल व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के सभी 156 टोल नाकों पर बैरियर-रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम (MLFFS) लागू करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक जाम में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

नई प्रणाली को फास्टैग और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के साथ जोड़ा जाएगा। इससे वाहनों की पहचान और टोल वसूली पूरी तरह स्वचालित और डिजिटल तरीके से की जा सकेगी।

MCD सदन से मिली मंजूरी

दिल्ली नगर निगम अधिनियम में संशोधन करते हुए इस प्रस्ताव को सदन में प्रस्तुत किया गया, जिसे मेयर प्रवेश वाही की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी मिल गई। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है।

बिना रुकावट वाहनों की आवाजाही

नई व्यवस्था के तहत टोल नाकों पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक लागू होने से वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों के समय की भी बचत होगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।

नियम उल्लंघन पर सख्त जुर्माना

नए प्रावधानों के तहत टोल नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। गलत या खराब नंबर प्लेट के उपयोग तथा टोल कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने पर टोल शुल्क का पांच गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। पहले यह जुर्माना 500 रुपये तक सीमित था।

इसके अलावा हर साल बेसिक टोल दरों में 5 प्रतिशत वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है, जो व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा।

बड़े वाहनों पर भी बढ़ेगा टोल

नए नियमों के तहत कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रक श्रेणियों पर टोल शुल्क को अधिकतम 2,000 रुपये तक बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। यह बदलाव राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

टोल व्यवस्था में आधुनिक सुधार

नई प्रणाली के तहत RFID और ANPR तकनीक के एकीकरण से टोल वसूली पूरी तरह स्वचालित होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि टोल प्लाजा पर भीड़ और जाम की समस्या भी खत्म होगी।

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