नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा तय कर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाना केंद्र और राज्य सरकारों का साझा संकल्प है।
दिल्ली में हुई बैठक में यमुना नदी की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण, सीवेज प्रबंधन और नदी के समग्र पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अमित शाह ने कहा कि सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां एकीकृत कार्ययोजना के तहत काम करें, ताकि परियोजना को तय समय में पूरा किया जा सके।
हर 20 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के प्रत्येक कार्य की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और हर 20 दिन में इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि केवल परियोजनाओं को पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय तक यमुना की स्वच्छता बनाए रखने के लिए बेहतर रखरखाव व्यवस्था भी जरूरी है।
डेयरी वेस्ट से बनेगी बायोगैस और खाद
बैठक में अमित शाह ने दिल्ली की डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट को यमुना में जाने से रोकने के लिए MCD और NDDB के बीच एमओयू की जानकारी दी। इसके तहत डेयरियों और गौशालाओं से निकलने वाले गोबर को बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
इससे नदी किनारे प्रदूषण कम करने और कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन में मदद मिलेगी।
128 STP स्थापित, नए प्लांट की तैयारी
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में यमुना प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा आने वाले समय में नए STP तैयार किए जाएंगे, जिससे सीवेज शोधन क्षमता बढ़ेगी।
अमित शाह ने निर्देश दिए कि STP, औद्योगिक अपशिष्ट और नालों से होने वाले डिस्चार्ज की लगातार निगरानी की जाए।
नालों से निकाली गई 97% गाद
बैठक में बताया गया कि यमुना में गिरने वाले नालों की सफाई के तहत इस साल 28.57 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें करीब 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि निकाली गई गाद का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाए और इसका उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाए, ताकि यह दोबारा नदी में न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यमुना को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों को मिलकर काम करना होगा।