रायपुर | नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित IPL मैच के दौरान दर्शकों से कथित भारी ओवरचार्जिंग और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी (CSS) ने राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
भारी ओवरचार्जिंग और मुनाफाखोरी का आरोप
संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने आरोप लगाया कि मैच के दौरान स्टेडियम के अंदर खान-पान और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें निर्धारित दर से कई गुना अधिक वसूली गई। सुरक्षा कारणों से बाहर से पानी या खाद्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होने के कारण दर्शक मजबूरी में स्टेडियम वेंडरों द्वारा तय कीमतों का पालन करने को मजबूर थे।
शिकायत पत्र में बताया गया कि 42–43 डिग्री तापमान में आयोजित मैच के दौरान 20 रुपये की पानी की बोतल 100 रुपये में, 20 रुपये का समोसा और 15 रुपये की कोल्ड ड्रिंक भी 100 रुपये तक में बेची गई। CSS ने इसे “खेल के नाम पर खुली लूट” करार दिया है।
नकद लेनदेन और GST चोरी के भी आरोप
डॉ. सोलंकी ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश लेनदेन केवल नकद में किए गए और दर्शकों को आधिकारिक बिल या रसीद नहीं दी गई। CSS के अनुसार, यह मामला संभावित GST चोरी की ओर संकेत करता है। अनुमानित रूप से मैच में लगभग 60 हजार दर्शक उपस्थित थे और कुल कारोबार लगभग 10–11 करोड़ रुपये का हुआ, जिसमें से 8–9 करोड़ रुपये कथित रूप से अवैध वसूली के रूप में लिए गए। केवल पानी की बिक्री से ही करीब 60 लाख रुपये वसूले गए।
RCB और BCCI पर कार्रवाई की मांग
CSS ने राज्य सरकार से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही सुझाव दिया कि GST कमिश्नर और संबंधित विभागों के माध्यम से प्रकरण की सूक्ष्म जांच की जाए।
संस्था ने यह भी कहा कि आगामी IPL मैच में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सख्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। RCB और BCCI के वेंडरों द्वारा वसूली गई राशि को जुर्माने सहित रिकवर कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया जाए।
जनता के हितों की रक्षा की अपील
- छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए दर्शकों के हितों की रक्षा करेगी और खेल आयोजनों के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।