बालोद। जिले के आदिवासी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोरगांव में जिला खनिज न्यास निधि (DMF (District Mineral Foundation)) के तहत किए गए निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वर्ष 2025 में बोरगांव हाई स्कूल में साइकिल स्टैंड शेड और कांक्रीटीकरण कार्य के लिए 13 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे।
जानकारी के अनुसार इस कार्य की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत बोरगांव थी, लेकिन आरोप है कि डौंडी के ठेकेदार विशाल जैन द्वारा कार्य शुरू किया गया और आधा-अधूरा निर्माण कर उसे कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया।
स्थानीय आरोपों के मुताबिक, निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। स्कूल परिसर में पुरानी बाउंड्री वॉल पर मात्र कुछ ईंटें जोड़कर शेड खड़ा कर दिया गया, जबकि कई कॉलम एवं अन्य संरचनात्मक कार्य गुणवत्ता विहीन पाए गए हैं। मौके पर कार्य प्रगति और दस्तावेजों में दर्ज विवरण में बड़ा अंतर बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सरपंच देवकी बाई कोठपरिया ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा कार्य पर दबाव बनाकर निर्णय लिए गए और निर्माण प्रक्रिया में उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य अधूरा और घटिया गुणवत्ता का है, जबकि भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरी कर ली गई।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में अन्य पंचायतों में भी DMF कार्यों में अनियमितताओं और ठेकेदारों के प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई जगहों पर योजनाओं के नाम पर केवल औपचारिक निर्माण कर राशि आहरित की गई।
इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत सीईओ डी. डी. मांडले ने कहा है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो जांच कराई जाएगी और मूल्यांकन व सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच के बाद इस कथित अनियमितता पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।