नई दिल्ली। Central Bureau of Investigation (CBI) ने NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुणे से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे को हिरासत में लेने के दो दिन बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इस मामले में धनंजय लोखंडे नामक एक अन्य व्यक्ति से भी पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक मनीषा वाघमारे के नाम पर संचालित 21 बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपये जमा किए गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये रकम NEET परीक्षा के दौरान विभिन्न ट्रांजैक्शनों के जरिए ट्रांसफर की गई थी। एजेंसियों को शक है कि यह पैसा पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
CBI और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार तड़के पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा को हिरासत में लिया था। जांच के दौरान उसके बैंक खातों में बड़ी संख्या में संदिग्ध लेन-देन मिलने के बाद एजेंसियों का शक और गहरा गया।
सूत्रों के अनुसार मनीषा छात्रों और उनके अभिभावकों से पैसे लेकर इस नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रों को “गेस पेपर” उपलब्ध कराने का दावा किया था। उनसे कहा गया था कि असली परीक्षा के लगभग 150 सवाल उन्हीं मॉक पेपर से आएंगे जो उन्हें दिए जाएंगे।
CBI को ऐसे डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि पेपर मैच होने की पुष्टि से पहले छात्रों और अभिभावकों से 30 हजार रुपये तक एडवांस लिए गए थे। यह भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया गया था।
जांच एजेंसी अब पूरे मामले में मनी ट्रेल पर विशेष फोकस कर रही है। सूत्रों के मुताबिक CBI मुख्यालय में हिरासत में लिए गए कई आरोपियों से लगातार पूछताछ चल रही है। एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन पेमेंट, व्हाट्सएप चैट और अन्य कम्युनिकेशन रिकॉर्ड खंगाल रही है।
इससे पहले CBI ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को भी पुणे से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह NEET परीक्षा आयोजित कराने वाली National Testing Agency (NTA) से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कई राज्यों के लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल CBI पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुटी हुई है।