रायपुर | छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और शहरी विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार भूमि उपयोग, भवन स्वीकृति और डिजिटल अनुमति प्रणाली में बड़े सुधार लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इन बदलावों का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाना बताया जा रहा है।
निवेश को आसान बनाने पर फोकस
केंद्र सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) सुधारों के तहत राज्यों को शहरी नियोजन और भूमि उपयोग प्रणाली को आधुनिक बनाने की सलाह दी गई है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने कई नीतिगत बदलाव शुरू किए हैं।
भूमि उपयोग प्रणाली में बड़ा बदलाव
राज्य में “जो प्रतिबंधित नहीं, वह अनुमति प्राप्त” मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत भूमि उपयोग को अधिक लचीला बनाया जा रहा है। इससे निवेशकों को स्पष्टता और तेज स्वीकृति प्रक्रिया मिलने की उम्मीद है।
मिक्स्ड लैंड यूज और फ्लेक्सिबल जोनिंग
छत्तीसगढ़ में फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग और मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Land Use) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नए मानक तय किए गए हैं, जिससे शहरी विकास को गति मिलने की संभावना है।
डिजिटल और तेज स्वीकृति प्रक्रिया
राज्य में भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) और भवन स्वीकृति प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है। ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम, ई-प्रमाण पत्र और समय सीमा के भीतर स्वीकृति न मिलने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ जैसे प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
MSME और छोटे उद्योगों को राहत
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों की स्थापना को आसान करने के लिए सड़क चौड़ाई मानकों में भी ढील दी गई है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
भवन अनुमति प्रणाली में सुधार
भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए तृतीय पक्ष निरीक्षण, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की जा रही है।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
ALBPMS सॉफ्टवेयर के जरिए अब भवन अनुमति से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी और भ्रष्टाचार की संभावना घटेगी।
निष्कर्ष
इन सुधारों से छत्तीसगढ़ में निवेश, रोजगार और शहरी विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य को निवेश-अनुकूल और आधुनिक शहरी विकास मॉडल की ओर ले जाएगा।