मिडिल ईस्ट में नया मोड़: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा बयान, अमेरिका-ईरान बातचीत पर अनिश्चितता बढ़ी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही कूटनीतिक हलचलों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के रुख ने नया तनाव और चर्चा पैदा कर दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर टोल नहीं वसूला जाएगा, लेकिन दी जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है।

बाघेई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार क्षेत्र में आता है और ईरान-ओमान मिलकर इसके लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं। उन्होंने इसे “पर्यावरण सुरक्षा शुल्क” बताया और कहा कि इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु और सुरक्षा वार्ताओं पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अमेरिका की ओर से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े बयानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि बातचीत में जल्द ही कोई बड़ा अपडेट आ सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें होर्मुज से सुरक्षित आवागमन और परमाणु कार्यक्रम पर सीमित समय में बातचीत शामिल है, हालांकि रविवार को किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।

ईरानी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मौजूदा बातचीत में परमाणु मुद्दा मुख्य एजेंडा नहीं है, बल्कि फोकस क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पक्ष इस प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी नए शुल्क या व्यवस्था का वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *