छत्तीसगढ़ में रेलवे की मनमानी के खिलाफ मंत्री जयसिंह अग्रवाल उतरे मैदान में

मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने रेलवे डीआरएम को दिया निर्देश– जल्द ही बंद ट्रेनों को करें चालू

कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से बंद ट्रेनों को तत्काल शुरू करें- राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल

लोकल ट्रेनों का परिचालन बंद होने पर जतायी नाराजगी

सक्ति-जांजगीर चांपा जिले के प्रभारी और प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल आज 24 अप्रैल को बिलासपुर के एक दिवसीय प्रवास पर थे। इस दौरान सर्किट हाऊस में बिलासपुर डी.आर.एम. आलोक सहाय से बंद ट्रेनों का पुनः परिचालन करने के संबंध में गंभीर चर्चा की,उन्होंने कोरबा एवं गेवरा रोड स्टेशन से पूर्व में संचालित हो रही यात्री ट्रेनों को तत्काल शुरू करने के लिए कहा। राजस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कोरबा से भिलाई के बीच चलने वाली लोकल मेमू और पैसेंजर गाड़ियों को रेलवे द्वारा बन्द कर देने की वजह से आम यात्रियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है साथ ही यात्रियों के समय और पैसों की बर्बादी हो रही है। रेल प्रशासन द्वारा लंबित रखी गई यात्री ट्रेनों को तत्काल चलाए जाने को लेकर कोरबा के आम नागरिक कई बार रेलवे को ज्ञापन भी दे चुके हैं। राजस्व मंत्री भी इस संबंध में महाप्रबंधक रेलवे को पत्र लिख चुके हैं। इसके बावजूद अब तक रेलवे प्रशासन की ओर से निर्णय नहीं लेने और ट्रेनों का परिचालन पुनः प्रारंभ न करने पर राजस्व मंत्री ने कड़ी नाराजगी ब्यक्त की।राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा अंचल से कोल परिवहन कर रेल प्रशासन द्वारा सालाना अरबों रूपये का राजस्व अर्जित किया जाता है, परन्तु सुविधा विस्तार न करते हुए पहले से प्राप्त हो रही सुविधाओं को रेलवे द्वारा बंद कर दिया गया है। यह क्षेत्रीय जनता की घोर उपेक्षा है। लोगों में रेल प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है,मंत्री अग्रवाल ने डी.आर.एम बिलासपुर को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेकर अवगत कराने के लिए कहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व मंत्री के साथ अन्य जन प्रतिनिधियों के अलावा बिलासपुर निगम के महापौर रामशरण यादव, कोरबा के प्रतिष्ठित व्यवसायी व रेल संघर्ष समिति से मुरलीधर माखीजा, कमलेश यादव, किशोर शर्मा, राकेश श्रीवास्तव, कोरबा जिला उद्योग संघ, अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष श्रीकांत बुधिया और बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर विशेष रूप से मौजूद थे।

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