निर्मल माणिक. बिलासपुर
राष्ट्रीय समाचार पत्र पायनियर के द्वारा रविवार के अंक में ”रेल का बड़ा खेल पर खबर प्रकाशित होने के बाद छत्तीसगढ़ के राजनेताओं के कान खड़े हो गए है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की मनमानी को लेकर पायनियर ने प्रमुखता से यात्रियों के हितों का मुद्दा उठाया जिस पर अब प्रदेश के राजनेताओं ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई है तो वहीं बिलासपुर क्षेत्र के धाकड़ मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोयला निकासी समेत माल लदान बंद के साथ ही आंदोलन करने की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में ९ भाजपा सांसदों ने
अभी तक यात्रियों के विषय पर चुप्पी साध रखी है। सांसदों ने इस तपती गर्मी में हो रही समस्याओं से अभी तक रेल मंत्रालय में आवाज बुलंद नहीं की है। तो वहीं कांग्रेसी सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि रेल मंत्रालय ज्यादा राजस्व के लालच में यात्रियों के हितों को दरकिनार किया है। ज्ञात हो कि इन दिनों लगातार ट्रेनों को निरस्त किया जा रहा है। जिससे तपती गर्मी के साथ ही शादियों के सीजन होने के कारण दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लदान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पैसेंजर ट्रेनों को या तो घंटों तक खड़ा कर देते है या अधोसंरचना का हवाला देकर निरस्त कर दिया जाता है। जिससे यात्री हलाकान व परेशान है। कोरोना काल के चलते 2 साल तक शादियों पर बंदिश रही मगर अब स्थिति सामान्य होते ही इस साल गांव, शहर, मोहल्ले सब जगह शादियां ही शादियां है। ऐसे में अपने परिवार के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाने हेतु एकमात्र साधन ट्रेन है लेकिन रेल प्रबंधन और रेल मंत्रालय यात्रियों के साथ ऐसा बुरा व्यवहार इसके पहले कभी नहीं किया सारे महत्वपूर्ण ट्रेन एक दिन या 2 दिन के लिए नहीं बल्कि पूरे 1 महीने के लिए निरस्त कर माल गाडिय़ों से आय बढ़ाने में अपना पीठ थपथपा रही है। शनिवार को ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक सूचना जारी कर एक झटके में ही 22 महत्वपूर्ण ट्रेनों को एक माह के लिए निरस्त करने की घोषणा कर दी । आश्चर्य तो यह है कि छत्तीसगढ़ के 11 सांसदों ने अभी तक प्रत्यक्ष रूप से रेलवे के इस घोर जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। छत्तीसगढ़ में भाजपा के 9 सांसद है लेकिन इस ज्वलंत समस्या और रेलवे की दादागिरी पर न तो केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाई है और न ही रेल मंत्री और रेल मंत्रालय में आपत्ति दर्ज की है। उन्हे डर है कि रेल परिचालन के बारे में कोई बयानबाजी करेंगे तो पार्टी से उन्हें नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है । इन सांसदो को कौन बताए कि जनता ने उन्हें मत देकर लोकसभा में इसलिए पहुंचाया कि वह उनकी समस्याओं को वहां तक पहुंचाएं हो रही समस्याओं के निजात के लिए हर संभव प्रयास करें। लेकिन छत्तीसगढ़ के सांसदों ने जनता के हितों में बोलना बंद कर दिया है। वह निश्चिंत है कि २०२४ का चुनाव भी आसानी से मोदी के चेहरे पर जीत लेंगे। बहरहाल जनता सब देख रही है। रेलवे आम जनता के आवागमन के लिए सबसे
सरल और सस्ता माध्यम हुआ करता था लेकिन नीतियों ने अब आम जनता से रेलवे को दूर करना
चालू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर रेल परिचालन यथावत रखने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 लोकल रेलों का परिचालन 24 अप्रैल 2022 से बंद करने के फैसले पर
कड़ी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली लोकल रेलों का परिचालन बंद करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव द्वारा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली लोकल रेलों का परिचालन यथावत् जारी रखने का आग्रह किया गया है। ज्ञातव्य है कि प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर द्वारा 23 अप्रैल 2022 को जारी आदेश द्वारा छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कुल 23 एक्सप्रेस तथा लोकल ट्रेनों का परिचालन 24 अप्रैल 2022 से आगामी एक माह के लिये बंद कर दिया गया है।
कोयला निकासी समेत माल लदान बंद के साथ कई आंदोलन होंगे : जयसिंह अग्रवाल
राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा और बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश की यात्री ट्रेनें रद्द करने को लेकर खासा रोष जताया। उन्होंने दोपहर सर्किट हाउस में कलेक्टर बिलासपुर तथा डीआरएम के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने डीआरएम बिलासपुर से कहा कि बिलासपुर और कोरबा क्षेत्र की कई यात्री ट्रेनें रद्द करने से यहां लोगों को बेहद दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने डीआरएम से रेलवे के द्वारा
कोरबा समेत बिलासपुर क्षेत्र की सभी यात्री ट्रेनें फिर से शुरू करने की बात कही। श्री अग्रवाल ने कहां की माल ढुलाई का रिकॉर्ड तोडऩे के फेर में रेलवे बिलासपुर और कोरबा से चलने वाली यात्री ट्रेनों को जबरिया बंद और रद्द कर रही है। अग्रवाल ने डीआरएम से कहा कि वे रेलवे जोन के जीएम से बात कर उनके साथ इस पूरे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों विधायकों और सांसदों की एक बैठक आयोजित किया जाए। इस बैठक में यात्री ट्रेनों को शुरू करने के लिए सांसद और विधायकों के द्वारा जीएम से बात कर पहल करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद भी अगर बंद पडी यात्री ट्रेनें शुरू नहीं हुई तो बिलासपुर और कोरबा क्षेत्र से माल लदान के खिलाफ जबर्दस्त आंदोलन किया जाएगा।
ज्यादा राजस्व प्राप्ति के लालच में आम नागरिकों की सुविधाएं दरकिनार : ज्योत्सना महंत
मालगाडिय़ों में ज्यादा से ज्यादा राजस्व प्राप्ति के लालच में रेल मंत्रालय में आम नागरिकों की सुविधाओं को दरकिनार कर दिया है इस तरह का निर्णय इसके पहले कभी नहीं हुआ अधिकांश एक्सप्रेस ट्रेनों और कोरबा रायपुर रायगढ़ बिलासपुर के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों को भी
अचानक निरस्त किए जाने की घोषणा से या निरस्त हो गया स्पष्ट हो गया है कि रेलवे को यात्री ट्रेनें चलाने में कोई रुचि नहीं है और माल लगा हमसे ज्यादा से ज्यादा राजस्व प्राप्ति कर रेल मंत्रालय को फायदा पहुंचाया जा रहा है लंबे समय तक महत्वपूर्ण ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय जनविरोधी है यह निर्णय तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और यात्री ट्रेनों को समय पर परिचालन कर जनता को राहत देनी चाहिए।