आचार्य श्रीकांत जोशी का बेरला थाना के अंतर्गत ग्राम भाठासोरहि मे चल रहे भागवत सप्ताह ज्ञान मे समस्त ग्राम वाशी तथा अयोजक चौहान परिवार का भक्ति मार्ग के तरफ अत्यधिक झुकाव नजर आया जहा भागवत कथा के चतुर्थ दिवस के अंतर्गत समुद्र मंथन,वामन अवतार ,राम अवतार ,की कथा सुनाई तथा चतुर्थ दिवस के परंपरा के अनुसार भगवान कृष्ण का मथुरा नगरी मे प्राकट्य की कथा से जन समुदाय को अवगत कराया।
श्रीकांत ने साथ ही बताया कि भागवत के नवम स्कन्द में भगवान कृष्ण का जन्म होता है भागवत के नव स्कंद की कथा नवधा भक्ति को प्रदर्शित करती है और जब तक नवधा भक्ति का प्राकट्य मनुष्य के ह्रदय मे नही होता तब तक भगवान मानव के हृदय में निवास नही करते साथ ही बताया कि राम का जन्म पहले उसके बाद कृष्ण का जन्म हुआ है इसके पीछे का बृहद कारण है क्योंकि राम मर्यादा प्रमुख है तथा कृष्ण लीला प्रमुख राम को आचरण में लाना सरल है परंतु कृष्ण के चरित्र को जीवन मे उतारना कठिन है परंतु राम नाम के मर्यादा में जीव फस जाए कृष्ण लीला का काटा उसे बाहर निकलता है राम कृष्ण दोनो मानव के जीवन यापन के मार्ग दर्शन के लिए परम आवश्यक है।