नई दिल्ली | संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें आगामी सत्र की रणनीति, विपक्ष के संभावित मुद्दों और संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, जेडीयू नेता ललन सिंह और टीडीपी नेता राम मोहन नायडू सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में सरकार की संसदीय रणनीति पर मंथन किया गया।
सरकार मॉनसून सत्र के दौरान पांच नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं। इनमें इनकम टैक्स और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े विधेयक अध्यादेशों के स्थान पर लाए जाएंगे।
इसके अलावा सरकार दो लंबित विधेयकों को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था, तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025, जिसे संयुक्त समिति को भेजा गया था, शामिल हैं।
सरकार की प्राथमिकता आर्थिक सुधार, न्यायिक व्यवस्था, शिक्षा और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की रहेगी। वहीं, विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आगामी मॉनसून सत्र के दौरान संसद में अहम विधेयकों पर चर्चा के साथ-साथ तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना है।