नकटी गांव विवाद पर सियासत गरम, कांग्रेस ने बनाई आंदोलन की रूपरेखा

रायपुर । छत्तीसगढ़ के नकटी गांव में कथित प्रशासनिक कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने जांच समिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर मंथन किया और आगे की रूपरेखा तय की।

बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, राज्यपाल से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग करेगी और लोकभवन में प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री निवास के घेराव की संभावना भी जताई गई है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नकटी और सम्मानपुर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान कई गरीब परिवारों के घर उजाड़ दिए गए। पार्टी का कहना है कि इस दौरान मलबे में बेजुबान पशुओं और गौ माता के दबे होने की जानकारी भी सामने आई है, जो अत्यंत गंभीर और संवेदनहीन घटना है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जांच दल के सदस्य भावेश बघेल ने कहा कि यह घटना केवल आशियाने उजड़ने की नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गौ संरक्षण की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है।

कांग्रेस ने बताया संवेदनहीन कार्रवाई

भावेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार को इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है, जिससे जनता में आक्रोश है।

न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित मुआवजा, पुनर्वास और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन, राजभवन और न्यायालय तक उठाएगी।

बैठक में शामिल रहे नेता

बैठक में पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र (पप्पू) बंजारे सहित कई नेता और पीड़ित परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

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