नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में शुक्रवार तड़के पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 महिलाओं समेत 8 लोग झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग की कई टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। आग की सूचना रात करीब 2:25 बजे मिली और सात दमकल गाड़ियों के साथ राहत अभियान शुरू किया गया।
आग की शुरुआत और फैलाव
अधिकारियों के अनुसार आग मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पार्किंग में खड़ी तीन स्कूटी, दो मोटरसाइकिल और एक साइकिल से शुरू हुई। देखते ही देखते आग और उससे निकला घना धुआं पूरी इमारत में फैल गया। ग्राउंड फ्लोर, पहली और दूसरी मंजिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ऊपरी मंजिलों को आंशिक नुकसान पहुंचा।
राहत और बचाव कार्य
दमकलकर्मियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राहत और बचाव अभियान चलाया। छत पर फंसी दो युवतियों समेत कुल आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 5 महिलाओं को सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में और 2 महिलाओं व 1 पुरुष को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई।
हाल के अग्निकांडों का सिलसिला
दिल्ली में हाल के महीनों में आग लगने की कई घटनाओं ने आग सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। 3 जून को मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल में भीषण आग लगी थी, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 3 मई को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रिहायशी इमारत में आग लगने से 9 लोगों की जान गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, आपातकालीन निकास व्यवस्था, धुआं नियंत्रण प्रणाली और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता ऐसी घटनाओं में जान-माल के नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अगली कार्रवाई
दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। मृतकों की पहचान और हादसे के विस्तृत कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस और फायर सर्विस अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है।