मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रहा तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। विधान परिषद चुनावों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है और इसी बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक व पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
अब्दुल सत्तार ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शिवसेना को कमजोर करने और खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुछ स्थानीय कार्यकर्ता जिला स्तर पर शिवसेना को कमजोर करने में लगे हुए हैं, जबकि गठबंधन का उद्देश्य मिलकर काम करना होना चाहिए।
सत्तार ने यह भी कहा कि बीजेपी उन सीटों पर दावा कर रही है, जो परंपरागत रूप से शिवसेना के पास रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकायों—जैसे महानगरपालिका, जिला परिषद और नगर पालिकाओं—में शिवसेना के प्रभाव को कमजोर किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने एकनाथ शिंदे को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने मांग की कि एकनाथ शिंदे को ढाई साल के लिए महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर बिहार जैसे राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है, तो महाराष्ट्र में भी ऐसा संभव होना चाहिए।
अब्दुल सत्तार ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी और इस पूरे मुद्दे पर चर्चा की है।
महायुति के भीतर बढ़ते इस बयानबाजी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए तनाव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।