देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के चलते प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों और होल्डिंग क्षेत्रों में ठहराया है।
गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और आगामी घंटों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए केदारनाथ यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई है। मौसम सामान्य होते ही यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
कई स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु
प्रशासन के निर्देश पर यात्रियों को ऋषिकेश और श्रीनगर में रोक दिया गया है। वहीं केदारनाथ मार्ग पर आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड के सुरक्षित होल्डिंग क्षेत्रों में ठहराया गया है। इसके अलावा श्रीनगर क्षेत्र से केदारनाथ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी फिलहाल बंद कर दी गई है।
लैंडस्लाइड का बढ़ा खतरा
केदारनाथ धाम का क्षेत्र संवेदनशील पहाड़ी इलाके में स्थित है, जहां लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। हाल के दिनों में भी यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे यात्रा प्रभावित हुई थी। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इसी चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा रोकने का निर्णय लिया है।
इस साल बना श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ावों में से एक केदारनाथ धाम भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। समुद्र तल से लगभग 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे।
इस वर्ष केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक 10 लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि लगातार खराब मौसम के कारण एक बार फिर यात्रा प्रभावित हुई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम और यात्रा से जुड़े आधिकारिक निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। मौसम में सुधार होने के बाद यात्रा फिर से सुचारु रूप से शुरू की जाएगी।