जज अमन शर्मा सुसाइड केस: एक महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, परिवार ने ट्विशा शर्मा केस का उदाहरण दिया

नई दिल्ली  | 30 वर्षीय जज अमन शर्मा के सुसाइड मामले में एक महीने बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस के हाथ खाली हैं। अमन शर्मा, जो कड़कड़डूमा कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) के फुल-टाइम सेक्रेटरी थे, ने 2 मई 2026 को पत्नी की कथित मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

परिवार का आरोप है कि मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। अमन के पिता प्रेम कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और वे पूरा सहयोग कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा केस का हवाला देते हुए कहा कि वहां सिर्फ 10 दिनों में आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे, जबकि उनके बेटे के मामले में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

FIR में पांच लोग आरोपी बताए गए हैं, जिनमें पत्नी स्वाति और उनकी बहन निधि मुख्य आरोपी हैं। परिवार का कहना है कि FIR में सभी तथ्यों का उल्लेख है और कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं, फिर भी प्रशासनिक कार्रवाई न होने से वे निराश हैं।

अमन शर्मा ने अपनी सेवा में जेएमएफसी और सिविल जज के रूप में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की थी। वह अक्टूबर 2025 से DLSA के फुल-टाइम सेक्रेटरी के तौर पर तैनात थे। परिवार का कहना है कि उनके बेटे की मौत के बाद घर में अंधेरा छा गया है और वे न्याय की उम्मीद में रो-रोकर जी रहे हैं।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता और लंबित कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा केस में जांच सीबीआई को सौंपकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की थी।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *