देश | Supreme Court of India ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह जांच की कुछ समय तक खुद निगरानी करेगा। अदालत ने परीक्षा आयोजित करने वाली National Testing Agency को फटकार लगाते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि UPSC जैसी परीक्षाओं में इस तरह की घटनाएं सामने नहीं आतीं, तो फिर NEET में बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहा है।
इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी प्रकार की चूक न हो।
देशभर में 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा का पेपर 7 मई को लीक होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह अलग से हलफनामा दाखिल कर बताए कि NEET जैसी परीक्षाओं को हर साल सुरक्षित और संस्थागत तरीके से आयोजित करने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था बनाई जा रही है। अदालत ने कहा कि NTA के भीतर विशेषज्ञों की मजबूत टीम और संस्थागत अनुभव विकसित करना जरूरी है, ताकि 2024 और 2026 जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA को अपनी विस्तृत कार्ययोजना पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।