ईरान | मोजतबा खामेनेई को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता फिलहाल एक गुप्त स्थान पर मौजूद हैं और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग पूरी तरह कट चुका है. दावा किया गया है कि उनसे केवल मैसेंजर और कूरियर नेटवर्क के जरिए ही संपर्क किया जा पा रहा है, जिसके कारण ईरान सरकार के भीतर संवाद और अंतरराष्ट्रीय बातचीत में भारी देरी हो रही है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो महीनों से मोजतबा खामेनेई किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं और न ही उनका कोई वीडियो संदेश सामने आया है. इसके बाद उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सत्ता पर पकड़ को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरान के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया अब बेहद धीमी हो गई है, क्योंकि सर्वोच्च नेता तक सीधे पहुंच संभव नहीं है. जब भी अमेरिका किसी संभावित समझौते या प्रस्ताव का संदेश भेजता है, तो उसे कई स्तरों वाले संदेशवाहक नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाना पड़ता है. इसी वजह से अंतिम प्रतिक्रिया आने में काफी समय लग रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत के लिए अधिकृत ईरानी अधिकारियों को भी अपनी ही सरकारी व्यवस्था के भीतर संवाद करने में कठिनाई हो रही है. अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि यही कारण है कि ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौतों को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई कथित तौर पर “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल हो गए थे. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका का कहना है कि हमलों के बाद से उनकी सार्वजनिक मौजूदगी लगभग खत्म हो गई है और वह केवल अपने अधीनस्थों को सीमित निर्देश भेज पा रहे हैं.
हालांकि ईरान की ओर से इन दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो इसका असर ईरान की आंतरिक राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और अमेरिका के साथ उसके संबंधों पर पड़ सकता है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह मामला वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और दुनिया की नजर अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है.