रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से राहत, ED पर लगाया सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप

नई दिल्ली। रॉबर्ट वाड्रा  को शिकोहपुर भूमि सौदा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिल गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

जमानत मिलने के बाद अदालत परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें किसी बात का डर नहीं है क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने कहा, “मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।”

वाड्रा ने इस दौरान ED(ईडी) और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। वाड्रा ने कहा, “ईडी को सरकार चला रही है और एजेंसी सरकार के इशारों पर काम कर रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब उनका परिवार चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करता है, तब इस तरह की जांचों का सामना करना पड़ता है। वाड्रा ने दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया से भागने वालों में से नहीं हैं।

क्या है मामला?

यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर में हुए भूमि सौदे और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी इस मामले में जमीन लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने जुलाई 2025 में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

ईडी के अनुसार यह मामला ब्रिटेन के कथित आर्म्स डीलर Sanjay Bhandari से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से भी संबंधित है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के बीच वित्तीय संबंधों के संकेत मिले हैं। इसमें विदेशी संपत्तियों और फंड ट्रांसफर से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ईडी ने वाड्रा का बयान भी दर्ज किया था। चार्जशीट में उन्हें नौवें आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में जारी है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *