नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब United Doctors Front (यूडीएफ) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा एनटीए, जिसे सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत बनाया गया है, उसे समाप्त कर संसद के कानून के जरिए एक नई वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा संस्था गठित की जाए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि NEET-UG 2026 के संचालन में गंभीर “सिस्टेमैटिक फेलियर” सामने आया है। यूडीएफ ने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है।
इससे पहले Federation of All India Medical Association (FAIMA) भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है। FAIMA ने कोर्ट से मांग की है कि NEET परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी व्यवस्थागत विफलताएं दोबारा न हों।
FAIMA की ओर से पेश वकील तन्वी दुबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति बनाई जानी चाहिए, जो परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के कामकाज की समीक्षा करे और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
दरअसल, 2021, 2024 और अब 2026 में भी NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ी है। हालिया विवाद के बाद कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।
अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा यानी National Eligibility cum Entrance Test (NEET-UG) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई का इंतजार है। वहीं छात्रों और अभिभावकों की नजर अब कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।