दुर्ग। अब नाम बदलने के लिए लोगों को दलालों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह प्रक्रिया अब ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन करना होगा और गजट प्रकाशन सेवा के लिए 29 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।
आवेदक को समस्त आवश्यक दस्तावेज लोक सेवा केंद्र या सामान्य सेवा केंद्र पर प्रस्तुत करना होंगे। इनमें शामिल हैं:
* 430 रुपए का चालान (भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी शाखा से)
* स्थानीय समाचार पत्र में नाम परिवर्तन की सूचना की मूल प्रति (तीन माह से अधिक पुरानी नहीं)
* दो गवाहों के नाम, हस्ताक्षर और पता के साथ प्ररूप-2 की मूल प्रति
* 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर में प्ररूप-3 में नोटराइज्ड शपथ पत्र
* सभी प्रकार के दस्तावेज/पहचान पत्र जिनका उल्लेख शपथ पत्र में किया गया हो
आवेदन के बाद तहसीलदार पोर्टल में एआरएन नंबर जारी किया जाएगा। तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी। किसी कमी या त्रुटि होने पर आवेदन अमान्य होगा। सही होने पर आवेदन डीएससी के माध्यम से शासकीय मुद्रणालय पोर्टल पर भेजा जाएगा और साधारण राजपत्र भाग – 3 (1) में प्रकाशन किया जाएगा।
राजपत्र में प्रकाशन के बाद उसकी सॉफ्ट कॉपी आवेदक के एआरएन नंबर पर अपलोड कर दी जाएगी। इसके साथ ही नाम परिवर्तन की अधिसूचना छत्तीसगढ़ शासन की वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकेगी।
समय सीमा:
* तहसीलदार पोर्टल: 7 कार्य दिवस
* अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोर्टल: 7 कार्य दिवस
* उप-रजिस्ट्रार (राजनांदगांव) लेवल: 7 कार्य दिवस
* शासकीय मुद्रणालय पोर्टल: 15 कार्य दिवस
इस नई व्यवस्था से नाम बदलने की प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और आसान हो जाएगी।