तेहरान। ईरान के बंदर अब्बास शहर में स्थित 134 साल पुराना ऐतिहासिक विष्णु मंदिर इन दिनों सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा मंदिर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद यह प्राचीन हिंदू मंदिर अचानक दुनियाभर के लोगों का ध्यान खींचने लगा है। बिग बी की पोस्ट ने न केवल लाखों लोगों को इस अनोखी धरोहर से परिचित कराया, बल्कि भारत और ईरान के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को लेकर भी नई चर्चा शुरू कर दी है।
अमिताभ बच्चन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “ईरान के बंदर अब्बास में स्थित प्राचीन हिंदू विष्णु मंदिर… 1892 में कजार काल के दौरान बना यह मंदिर शहर में काम करने वाले भारतीय हिंदू व्यापारियों के लिए बनवाया गया था।” उन्होंने यह भी बताया कि पोस्ट में इस्तेमाल किया गया संगीत फ़ारसी भाषा में है। पोस्ट वायरल होते ही हजारों लोगों ने हैरानी जताई कि ईरान जैसे इस्लामिक देश में भी एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर मौजूद है।
व्यापारिक रिश्तों की ऐतिहासिक निशानी
विष्णु मंदिर ईरान के बंदर अब्बास शहर में स्थित है, जो फ़ारसी खाड़ी के किनारे बसा एक महत्वपूर्ण बंदरगाह रहा है। इतिहासकारों के अनुसार, 19वीं और 20वीं सदी के दौरान भारत के गुजरात और सिंध क्षेत्रों से कई हिंदू व्यापारी व्यापार के सिलसिले में यहां आकर बसे थे। इन्हीं व्यापारियों और उनके परिवारों की धार्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 1892 में इस मंदिर का निर्माण कराया गया था।
उस दौर में बंदर अब्बास भारत, फ़ारस और अरब देशों के बीच व्यापार का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। भारतीय व्यापारी यहां कपड़े, मसाले और अन्य वस्तुओं का व्यापार करते थे। यह मंदिर आज भी भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों की जीवंत याद दिलाता है।
भारतीय और फ़ारसी वास्तुकला का अनोखा संगम
मंदिर की वास्तुकला भारतीय और फ़ारसी शैली का अनूठा मिश्रण मानी जाती है। सफेद गुंबद, प्रार्थना कक्ष और धार्मिक प्रतीक भारतीय मंदिरों की झलक देते हैं, जबकि निर्माण में स्थानीय ईरानी प्रभाव भी साफ दिखाई देता है। भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर कभी भारतीय व्यापारियों के लिए आध्यात्मिक और सामाजिक केंद्र हुआ करता था।
हालांकि अब यहां पहले जैसी नियमित पूजा-पाठ की गतिविधियां नहीं होतीं, लेकिन इसे ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन स्थल के रूप में संरक्षित रखा गया है। इतिहासकारों का मानना है कि यह मंदिर दोनों सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
सोशल मीडिया पर लोगों की उत्सुकता
अमिताभ बच्चन की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मंदिर को “छिपा हुआ ऐतिहासिक खजाना” बताया। कई यूजर्स ने कहा कि यह मंदिर साबित करता है कि भारत और ईरान के रिश्ते आधुनिक राजनीति और सीमाओं से कहीं ज्यादा पुराने और गहरे हैं।
इस वायरल पोस्ट के बाद इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोग अब विदेशों में मौजूद भारतीय विरासत से जुड़े ऐसे अन्य कम-ज्ञात स्थलों के बारे में भी जानकारी जुटाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।