रायपुर | केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया।
मंत्री पासवान ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की सराहना करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।
मुख्य अवलोकन और पहलें:
- अजा परियोजना:
- वैज्ञानिक बकरी पालन मॉडल
- आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा और जैविक खाद निर्माण
- उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्धता
- प्रोजेक्ट पिंक दीदी:
- नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा
- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान
- बिजनेस दीदी और अन्य आजीविका गतिविधियां:
- मशरूम उत्पादन, कृषि आधारित गतिविधियां
- कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से संवाद
महिला सशक्तिकरण:
मंत्री पासवान ने महिला समूहों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि घर संभालने वाली महिलाएं अब संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं, जो असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करने का वास्तविक उदाहरण है।
आदेश और दिशा-निर्देश:
- संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं के और विस्तार पर जोर देने के निर्देश
- मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनाने का सुझाव
उपस्थित अधिकारी:
पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत CEO श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है और यह देशभर के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है।