रायपुर । ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बलरामपुर जिले में राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आई है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से तिरंगा तैयार कर न केवल देशभक्ति के अभियान में योगदान दे रही हैं, बल्कि इस पहल से उन्हें रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है।
कलेक्टर श्री चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तिरंगे अब सी-मार्ट के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। लोग इन हस्तनिर्मित तिरंगों को खरीदकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में फहरा रहे हैं।
30 महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे
जिले में 7 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 6 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं सीधे तिरंगा निर्माण से जुड़ी हैं। महिलाओं ने अब तक 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2,500 तिरंगे बिक्री के लिए सी-मार्ट में उपलब्ध कराए गए थे, जिनमें से 2,490 तिरंगे बिक चुके हैं।
तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई है। इस पहल से स्व-सहायता समूहों को अब तक करीब 1.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है।
महिलाएं खुद संभाल रही पूरी निर्माण प्रक्रिया
स्व-सहायता समूह की महिलाएं तिरंगा निर्माण की पूरी प्रक्रिया स्वयं संभाल रही हैं। इसमें कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों का संयोजन और अशोक चक्र लगाने का कार्य शामिल है। इससे महिलाओं के कौशल में निखार आने के साथ उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।
भवानी समूह की सदस्य सुधा प्रजापति ने कहा कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।
वहीं समूह की सदस्य रिंकी सोनी ने बताया कि सी-मार्ट के साथ-साथ जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तिरंगे खरीदकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ सकें।
सी-मार्ट बना महिलाओं के उत्पादों का बाजार
प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट को प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है। इससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को बाजार मिल रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में महिलाओं की यह भागीदारी राष्ट्रप्रेम के साथ आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे रही है।