रायपुर | छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और सुगम जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्रवाई ने संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की। आवेदन मिलने के तुरंत बाद एक दिव्यांग महिला को उनके घर पहुंचकर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई।
ग्राम बिजरवार, दौंजरा जनपद पंचायत गौरेला निवासी मैकिन बाई लंबे समय से चलने-फिरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में व्हीलचेयर के लिए आवेदन दिया। उस समय कार्यालय में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने उनकी तत्काल आवश्यकता को देखते हुए अस्थायी रूप से वॉकर उपलब्ध कराया, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
इसके बाद विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र व्हीलचेयर की व्यवस्था की। सहायक संचालक नितिन कुमार के निर्देशन में विभाग की टीम स्वयं मैकिन बाई के घर पहुंची और उन्हें व्हीलचेयर सौंपते हुए मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
व्हीलचेयर मिलने से मैकिन बाई को अब आवागमन और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। इससे वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ अपने रोजमर्रा के कार्य कर सकेंगी। इस त्वरित सहायता से शासन और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।
राज्य सरकार का कहना है कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। समाज कल्याण विभाग की यह पहल जरूरतमंद दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सहज और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण मानी जा रही है।