किरंदुल। बस्तर के दुर्गम वनांचलों में शाखा विस्तार के संकल्प को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने एक उल्लेखनीय पहल की है। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा खंड के सुदूर और पहुंचविहीन गांव लावा में संघ की नई शाखा प्रारंभ की गई। दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिए स्वयंसेवकों को करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ चढ़ना पड़ा। शाखा के शुभारंभ के बाद उन्हें उतनी ही दूरी तय कर वापस लौटना पड़ा।
दुर्गम रास्तों के बीच संकल्प की मिसाल
लावा गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में शाखा शुरू करना स्वयंसेवकों के समर्पण और संकल्प को दर्शाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने दुर्गम रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव तक पहुंचकर शाखा का शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी शाखा गतिविधियों के विस्तार का प्रयास किया गया।
शाखा में हुआ चंदन कार्यक्रम, बच्चों को बांटी मिठाई
शाखा के शुभारंभ अवसर पर चंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित स्वयंसेवकों को बिस्कुट और मिठाई वितरित की गई। वहीं, गांव के बच्चों को पेय पदार्थ बांटे गए।
दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित लावा गांव में शाखा प्रारंभ होने से स्थानीय क्षेत्र में संघ की गतिविधियों को विस्तार देने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वयंसेवकों की पहल ने दूरस्थ गांवों तक पहुंचने के उनके संकल्प को सामने रखा।