नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम् बिल’ पेश किया गया। नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में रखा।
विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।
वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव
सरकार का उद्देश्य इस विधेयक के जरिए राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण प्रदान करना है। विधेयक के तहत वंदे मातरम् के अपमान या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है।
विधेयक के कानून बनने के बाद यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या इसके गायन में रुकावट डालता है, तो उसे अधिकतम 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया जा सकता है।
सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में गायन का प्रस्ताव
प्रस्तावित नियमों के अनुसार वंदे मातरम् को सरकारी कार्यक्रमों में गाए जाने, कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रस्तुत करने और स्कूलों में प्रार्थना से पहले गाने का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा गीत के सभी छह अंतरों को निर्धारित समय सीमा में गाने और गायन के दौरान सावधान मुद्रा बनाए रखने जैसे नियम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
नित्यानंद राय ने विपक्ष पर साधा निशाना
राज्यसभा में विधेयक पेश करते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जो लोग इस विधेयक को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं, वे सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान और गरिमा को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
वहीं, विपक्ष ने नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।