पेपर लीक माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, नए कानून में 10 साल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। प्रस्तावित कानून में पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

संशोधन विधेयक के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य संगठित तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले गिरोहों और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करना है।

तीन महीने में होगा मामलों का निपटारा

नए विधेयक में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ऐसे मामलों की सुनवाई तीन महीने की तय समय सीमा में पूरी कर फैसला सुनाने की व्यवस्था की जाएगी।

इस संशोधन विधेयक के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को नोडल मंत्रालय बनाया गया है। अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा के स्तर तय किए जाएंगे।

अगले सप्ताह संसद में पेश करने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस विधेयक को संसद के मानसून सत्र में अगले सप्ताह पेश कर सकती है। सरकार की कोशिश है कि इसे जल्द से जल्द पारित कराकर परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाए।

पहले से लागू है सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024

बता दें कि वर्तमान में देश में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू है। इसके तहत व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए 3 से 5 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं, सेवा प्रदाता की संलिप्तता पाए जाने पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और संगठित गिरोहों के लिए 5 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। नए संशोधन के जरिए इन प्रावधानों को और सख्त करने की तैयारी है।

PM मोदी ने दिया था सख्त कार्रवाई का संकेत

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित संशोधन विधेयक पर सभी की नजरें संसद की कार्यवाही पर टिकी हैं।

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