नई दिल्ली। सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उमर खालिद का नाम लेते हुए दिए गए उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
एक इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि “अगर मैं उमर खालिद या मुस्लिम होता, तो अब तक जेल में होता। मुझे इस बात की पूरी समझ है।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में पिछले करीब पांच साल से जेल में बंद हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अब तक जमानत नहीं मिली है।
अभिजीत दिपके ने अपने बयान में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को पीड़ित परिवारों से संवेदना जतानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में सरकार की ओर से परिवारों से संपर्क तक नहीं किया गया।
उन्होंने नीट, एनटीए और एसएससी पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी जिक्र करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। वहीं, उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।