बीजिंग/वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 12 मई की रात चीन के लिए रवाना हो गए। यह ट्रंप का 2017 के बाद पहला चीन दौरा है। वे 13 से 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे और इस दौरे को दोनों देशों के बीच रिश्तों को स्थिर करने का बड़ा मौका माना जा रहा है।
दौरे के मुख्य बिंदु
ट्रंप के साथ एलन मस्क, एप्पल के CEO टिम कुक, बोइंग के CEO रॉबर्ट ऑर्टबर्ग, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग सहित कुल 17 कारोबारी शामिल हैं।
चर्चा के संभावित मुद्दे: **व्यापार, ताइवान, रेयर अर्थ मिनरल्स, AI और ईरान युद्ध ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरे में 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक की बोइंग विमान डील की संभावना है।
बातचीत और शेड्यूल
ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग दौर की बातचीत होगी।
एलन मस्क ने X (पहले Twitter) पर लिखा कि एयर फोर्स वन पर ट्रंप के साथ सिर्फ जेन्सन और मैं थे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
ट्रंप का पिछला चीन दौरा 2017 में हुआ था, जिसके बाद अमेरिका-चीन संबंध तनावपूर्ण रहे।
चीन ने पहले अमेरिकी सांसद मार्को रुबियो पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिसमें चीन यात्रा पर रोक भी शामिल थी। ट्रांसलिटरेशन बदलकर उन्हें चीन आने की संभावना दी गई है।
निष्कर्ष
ट्रंप का यह दौरा सैन्य और आर्थिक हितों को संतुलित करने , साथ ही ईरान युद्ध और AI जैसे वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही इस दौरे से दोनों देशों के व्यापारिक और सुरक्षा रिश्तों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।