दिल्ली में पार्क और निर्माण के लिए सीवेज शोधित पानी अनिवार्य

दिल्ली |राजधानी दिल्ली में जल संकट से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड नई नीति तैयार कर रहा है, जिसके तहत पार्कों की हरियाली बनाए रखने और निर्माण कार्यों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले शोधित पानी का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था में सभी सरकारी निर्माण परियोजनाओं में शोधित पानी का उपयोग अनिवार्य होगा। इसके अलावा, निजी निर्माण कार्यों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) द्वारा संचालित पार्कों में भी यह पानी अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य मीठे पेयजल पर दबाव कम करना और वैकल्पिक जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।

प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्रतिदिन लगभग 650 MGD शोधित पानी निकलता है, जो बड़े पैमाने पर इस्तेमाल नहीं हो रहा। हाल ही में इसकी गुणवत्ता जांच करवाई गई, जिसमें यह पानी पार्कों की सिंचाई और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल के लिए उपयुक्त पाया गया।

नई नीति के तहत, दिल्ली जल बोर्ड पार्कों तक पाइपलाइन के माध्यम से शोधित पानी पहुँचाएगा और इसके इस्तेमाल पर मामूली शुल्क लिया जाएगा। पार्क परिसर में पानी के उपयोग की निगरानी के लिए मीटर भी लगाए जाएंगे।

जल मंत्री ने कहा, “सरकारी और निजी निर्माण कार्यों में शोधित पानी का उपयोग बढ़ाने से मीठे पानी की बचत होगी और राजधानी के पार्क व हरित क्षेत्रों को सूखने से बचाया जा सकेगा। यह पहल दिल्ली के जल संकट को कम करने में मदद करेगी।

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