कोलकाता | तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल कांग्रेस) के नेता जहांगीर खान को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें दी गई अंतरिम सुरक्षा (प्रोटेक्टिव बेल) वापस ले ली है, जिसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
कोर्ट का अहम फैसला
कलकत्ता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि जहांगीर खान के खिलाफ दर्ज 7 एफआईआर मामलों में पुलिस जांच जारी रह सकती है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जस्टिस पार्थ सारथी सेन ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें दी गई अंतरिम राहत केवल सीमित समय और विशेष परिस्थितियों (चुनाव प्रक्रिया) को देखते हुए दी गई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।
जांच पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जहांगीर खान के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और निष्पक्ष जांच के लिए उनसे पूछताछ जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने से इनकार कर दिया।
पहले मिली थी राहत
जहांगीर खान को 2019 के एक मामले में 18 मई को अंतरिम राहत दी गई थी, जिसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। इसी बीच उनके खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए कोर्ट ने नया संरक्षण देने से मना कर दिया।
राजनीतिक असर की चर्चा
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि अब जहांगीर खान पर गिरफ्तारी की कार्रवाई कभी भी हो सकती है। मामले को लेकर राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है।
निष्कर्ष
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस को आगे की कार्रवाई की पूरी छूट मिल गई है। कोर्ट के इस फैसले को टीएमसी के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।