रायपुर। नाबालिगों के हाथों में चाकू और अन्य धारदार हथियार पहुंचने से रोकने के लिए तिल्दा-नेवरा पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत पुलिस ने वेल्डिंग-फैब्रिकेशन दुकानों, लोहारों और चाकू धार करने वाले कारोबारियों से संपर्क कर उन्हें सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों को बड़े या धारदार चाकू उपलब्ध न कराए जाएं। दुकानदारों और कारोबारियों को चाकू की बिक्री या धार करने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुभाष चौक समेत कई इलाकों में पहुंची पुलिस
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुभाष चौक सहित तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के विभिन्न वेल्डिंग एवं फैब्रिकेशन दुकानों, लोहार दुकानों और चाकू धार करने वाले स्थानों का निरीक्षण किया। पुलिस ने संचालकों को समझाइश देते हुए नाबालिगों द्वारा चाकू खरीदने या धार कराने की कोशिश किए जाने पर तत्काल सतर्क होने को कहा।
पुलिस के मुताबिक, यदि किसी नाबालिग के पास चाकू या अन्य धारदार हथियार मिलता है और उसका संबंध किसी आपराधिक घटना से सामने आता है, तो हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जाएगी। परिस्थितियों और लागू कानून के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिगों और अभिभावकों को भी किया जा रहा जागरूक
अभियान के दौरान पुलिस नाबालिगों को भी धारदार हथियारों के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक कर रही है। बच्चों को समझाया जा रहा है कि चाकू लेकर घूमना उनके लिए भी खतरनाक है और छोटी-सी कहासुनी गंभीर अपराध का रूप ले सकती है।
पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनके साथ नियमित संवाद करें। बच्चे के पास चाकू या कोई अन्य धारदार हथियार मिलने पर उसे तत्काल समझाइश देने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
अपराध के बाद कार्रवाई नहीं, पहले रोकथाम पर जोर
तिल्दा-नेवरा पुलिस का फोकस अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध की संभावनाओं को पहले ही रोकने पर है। इसी कड़ी में धारदार औजारों की बिक्री, निर्माण और धार करने वाले स्थानों की निगरानी की जा रही है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा है कि नाबालिगों को अपराध से दूर रखने के साथ-साथ कम उम्र के बच्चों तक धारदार हथियार या घटना में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की पहुंच रोकने पर विशेष जोर दिया जाएगा। ऐसे माध्यमों पर निगरानी रखी जाएगी और किसी घटना में उनकी भूमिका सामने आने पर परिस्थितियों एवं लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा तिल्दा पुलिस द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में युवाओं और नाबालिगों की अवांछित गतिविधियों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।