विदेश | मिडिल ईस्ट संकट और इजरायल को लेकर पाकिस्तान की नीति पर अमेरिका में नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की मध्यस्थता क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि “मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान पर भरोसा करना अपने-आप में बड़ी समस्या है।” ग्राहम ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक पुराने इंटरव्यू का हवाला देते हुए की, जिसमें उन्होंने इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने वाले अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने से इनकार किया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान की इजरायल विरोधी सोच लंबे समय से चली आ रही है और ईरान के साथ उसके संबंध भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तान के एयरबेस पर जगह दिए जाने जैसी रिपोर्ट्स भी सवाल खड़े करती हैं। ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान को अब साफ करना चाहिए कि क्या वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अपील मानकर अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बनेगा या नहीं।
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान किसी ऐसे समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा जो उसकी “बुनियादी विचारधारा” के खिलाफ हो। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का रुख इजरायल को लेकर स्पष्ट है और देश के पासपोर्ट पर भी इजरायल का नाम तक नहीं होता। इस बयान के बाद अमेरिकी हलकों में पाकिस्तान की विदेश नीति और उसकी विश्वसनीयता को लेकर चर्चा तेज हो गई।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम देश इजरायल के साथ संबंध सामान्य करें। 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत यूएई और बहरीन जैसे देशों ने इजरायल से रिश्ते सामान्य किए थे। अब ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे देशों को भी इस समझौते में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि पाकिस्तान लगातार यह संकेत दे रहा है कि वह इजरायल को मान्यता देने या अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति पर बड़ा झटका माना जा रहा है।