बस्तर में लहराएगा तिरंगा, 12 से 15 अगस्त तक निकलेगी भव्य ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’

रायपुर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के जरिए निकाली जाने वाली यह यात्रा उन गांवों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की ओर बढ़ रहे हैं।

शहादत को नमन, शहीद परिवारों का सम्मान

यात्रा के दौरान बड़े नक्सली हमलों और जनहानि वाले स्थानों पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहीद स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा और शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा।

शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी शहादत वाले स्थानों की मिट्टी भी श्रद्धापूर्वक संग्रहित की जाएगी। इस मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए बनाए जाने वाले संग्रहालय में संरक्षित करने की योजना है।

महिला बाइकर्स सहित युवा होंगे शामिल

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित इस यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बाइक राइडर्स के साथ स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी यात्रा में शामिल होंगे।

यात्रा के दौरान युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद के साथ नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

नारायणपुर से शुरू होकर कुर्रेगुट्टालु तक पहुंचेगी यात्रा

12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी।

13 अगस्त को दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, दोरनापाल, बुर्कापाल, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी।

14 अगस्त को बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए यात्रा कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ मानी जाने वाली कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से पौधरोपण

यात्रा के प्रत्येक प्रमुख घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया जाएगा। जिस स्थान पर जितने लोगों ने शहादत दी, वहां उतने ही पौधे लगाने की योजना है। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों में ‘बस्तर शांति दौड़’, तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

संस्कृति और विकास की दिखेगी झलक

तिरंगा यात्रा के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। वहीं सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से मुख्यधारा में लौटे युवाओं की सफलता की कहानियां भी लोगों के सामने रखी जाएंगी।

‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ को केवल बाइक रैली के बजाय शहादत को नमन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बदलते बस्तर की तस्वीर सामने रखने वाले अभियान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। तिरंगे के साथ गांव-गांव पहुंचने वाली यह यात्रा बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का संदेश देगी।

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