नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार से सवाल करने वाले लोगों की आवाज दबाई जा रही है और देश को ‘खामोश लोकतंत्र’ में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं, यूट्यूबरों और कंटेंट क्रिएटरों सहित सरकार से सवाल करने वाले विभिन्न वर्गों के लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।
हिरासत और गिरफ्तारियों को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि हिरासत, गिरफ्तारियां और बल प्रयोग लोगों की आवाज को दबाने के प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को अपने विचार व्यक्त करने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। खरगे ने स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर से ही युवा देश की दिशा तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात
खरगे ने कहा कि कांग्रेस एकजुट विपक्ष के साथ मिलकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में स्वतंत्रता संग्राम में पार्टी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, सरकार की आलोचना और हिरासत को लेकर खरगे द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।