गरियाबंद | गरियाबंद जिले के दूतकैया (खपरी) गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसक घटना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. रविवार को सर्व हिंदू समाज और ग्राम विकास समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और एसआई जीवन साहू को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की.
धरना प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय एकतरफा कार्रवाई कर रही है. उनका कहना है कि गांव के निर्दोष युवाओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, घटना के बाद कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके हाथों में डंडा, लाठी और तलवार पकड़ाकर फोटो खिंचवाए गए ताकि उन्हें अपराधी साबित किया जा सके.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचनामा और अन्य कानूनी दस्तावेजों के नाम पर कोरे कागजों में हस्ताक्षर कराए गए, जिन्हें बाद में केस डायरी और गवाही के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि बाहरी लोगों की संलिप्तता के बावजूद केवल स्थानीय ग्रामीणों को आरोपी बनाया जा रहा है.
ज्ञापन में कुछ नामजद लोगों पर अवैध कब्जा, मारपीट, धमकी और गांव में भय का माहौल बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस इन आरोपों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है और हिंदू पक्ष की शिकायतों तथा साक्ष्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है.
सर्व हिंदू समाज ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बताया. धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने एसआई जीवन साहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा.