रायपुर । छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि विकसित भारत का सपना आज के युवाओं के लिए है और आने वाले समय में देश का नेतृत्व भी युवा ही करेंगे। देश को युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें हैं। इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और नवाचार का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बुधवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन एनआईटी रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (आईएनएई) द्वारा किया गया।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। आज युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने के अनेक अवसर मिल रहे हैं। युवा अपनी योग्यता, ज्ञान और क्षमता के बल पर न केवल अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण वर्तमान युवा पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। जब भारत दुनिया में अपने सम्मान और गौरव के साथ खड़ा होगा, तब देश की कमान आज के युवाओं के हाथों में होगी। इसलिए युवाओं को अभी से अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
ज्ञान और नवाचार का लाभ समाज तक पहुंचाएं युवा
अरुण साव ने तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों से अपने शोध, अध्ययन और नवाचार को सामाजिक जरूरतों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं है, बल्कि ऐसी तकनीक और समाधान विकसित करना भी है, जिनसे समाज को लाभ मिल सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों के बीच हुए विचार-विमर्श से उपयोगी सुझाव सामने आए होंगे। इन विचारों और अनुभवों का उपयोग भविष्य में समाज तथा राष्ट्र के विकास में किया जा सकेगा।
उत्कृष्ट शोध और हैकाथॉन प्रतिभागियों का सम्मान
सम्मेलन के समापन अवसर पर उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों के साथ परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
दो दिवसीय आयोजन में तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीखने और अपने विचार साझा करने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों की रही सहभागिता
समापन सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता तथा एनआईटी रायपुर के प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।
सम्मेलन के माध्यम से तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी क्षमताओं का उपयोग देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए करने की अपील की।