राजधानी को मिली नई रफ्तार और सुरक्षा कवच, अमित शाह ने किए कई विकास कार्यों का शुभारंभ

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, सड़क सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र और दिल्ली सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में शामिल की गई 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने तीन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन, ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन का लोकार्पण और नरेला हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास किया।

इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित दिल्ली सरकार के कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।

DTC बेड़े में शामिल हुईं 300 नई इलेक्ट्रिक बसें

दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 300 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। इनमें 195 नौ मीटर लंबी ‘देवी’ श्रेणी की इलेक्ट्रिक बसें और 105 अत्याधुनिक 12 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और दिव्यांगजन-अनुकूल यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल टाइम GPS ट्रैकिंग और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाली ये बसें दिल्ली में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

दिल्ली का बस बेड़ा पहुंचा करीब 6600 तक

300 नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने के बाद दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन बेड़ा करीब 6600 बसों तक पहुंच गया है। इसमें 4845 इलेक्ट्रिक बसें और 1755 CNG बसें शामिल हैं।

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2028-29 तक करीब 14 हजार आधुनिक बसों का बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की योजना है।

तीन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो शुरू

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली में तीन आधुनिक बस डिपो शुरू किए गए हैं। इनमें:

  • नरेला सेक्टर ए-1 एवं ए-4 इलेक्ट्रिक बस डिपो
  • रिठाला इलेक्ट्रिक बस डिपो
  • कोहाट एन्क्लेव इलेक्ट्रिक बस डिपो

शामिल हैं।

नरेला डिपो में 250 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता विकसित की गई है। वहीं कोहाट एन्क्लेव डिपो में सर्विस पिट, रिपेयर शॉप, वॉशिंग पिट, स्टोर और विद्युत उपकेंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रिठाला डिपो में 90 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग क्षमता है।

नंद नगरी में ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन का उद्घाटन

कार्यक्रम में नंद नगरी डीटीसी डिपो में विकसित अत्याधुनिक चार लेन ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया।

इस केंद्र में भारी, हल्के और दोपहिया वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह स्वचालित तकनीक से होगी। यहां हर साल करीब 52 हजार भारी एवं हल्के वाहनों और 20 हजार दोपहिया वाहनों की जांच की क्षमता होगी।

इसमें ब्रेक, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट, साइड स्लिप, उत्सर्जन स्तर और अंडरबॉडी निरीक्षण जैसी जांच आधुनिक तकनीक से की जाएंगी।

नरेला में हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नरेला में बनने वाली अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास भी किया। सरकार के अनुसार, यह देश की आधुनिक तकनीक आधारित उच्च सुरक्षा जेलों में शामिल होगी।

इस परियोजना के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से 100 करोड़ रुपये का वित्तपोषण किया जा रहा है, जबकि शेष राशि दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। जेल में 250 से अधिक कैदियों को रखने की क्षमता होगी।

AI तकनीक से लैस होगी नई जेल

नरेला हाई सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें:

  • AI आधारित CCTV निगरानी
  • बॉडी वॉर्न कैमरे
  • बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल
  • ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम
  • फुल बॉडी स्कैनर
  • मोबाइल सिग्नल जैमर
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा
  • कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से दिल्ली में आधुनिक परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और सुरक्षा तंत्र को नई मजबूती मिलेगी।

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