गुरु राष्ट्र निर्माण की आधारशिला, महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता : लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर/सूरजपुर। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास कर उनके व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। गुरु समाज के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार होते हैं।

श्रीमती राजवाड़े ने यह बात सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा में आयोजित गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर को संबोधित करते हुए कही। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

मंत्री ने कहा कि शिक्षकों का योगदान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उनके मार्गदर्शन से ही विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनता है और वे समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए तैयार होते हैं।

उन्होंने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कई माताएं अपने बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य निर्माण में कर रही हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। कुपोषण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल विकास से जुड़े कार्यों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान ओड़गी क्षेत्र के 10 उत्कृष्ट शिक्षकों, 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महतारी वंदन योजना की राशि का सदुपयोग अपने बच्चों की शिक्षा में करने वाली 10 जागरूक माताओं को सम्मानित किया गया। शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा देने के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके उत्साहवर्धन के लिए किया गया है। जिले में कुपोषित बच्चों को बाल संदर्भ सेवाओं से जोड़ने और आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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