नई दिल्ली| इंटर-कास्ट विवाह करने वाले एक दंपती को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दंपती के मामले में लड़की के माता-पिता को उनसे मिलने की अनुमति दी गई थी।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब 20 मार्च को विवाह करने वाले इस जोड़े ने अदालत में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की। दंपती ने कहा कि उन्हें ‘ऑनर किलिंग’ का खतरा है और परिवार की ओर से लगातार दबाव व उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
सुनवाई के दौरान दंपती की ओर से तर्क दिया गया कि राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में दंपती की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की जबरन मुलाकात से उन्हें मानसिक या शारीरिक नुकसान हो सकता है।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि दकियानूसी सोच को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता और ऐसे मामलों में कानून का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई जुलाई के लिए निर्धारित कर दी है।
दंपती की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें लगातार पुलिस निगरानी और पारिवारिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, लड़की के परिवार की ओर से कहा गया कि उनका उद्देश्य केवल बेटी से मुलाकात सुनिश्चित करना था, न कि किसी तरह की परेशानी पैदा करना।
फिलहाल, इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए स्थिति को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।